सोमवार, 22 जून 2009

रविवार, 21 जून 2009

कभी कभी दिल भर आता है......

जब जब किसी गरीब को देखता हुं मेरा दिल भर आता है.... जैसे जब कोई गरीब बच्चा Red light पर भीख मांगता दिखता है या जब कोई बूढा खाना मागंता घूमता है। मुझे याद है एक बार जब मै अपनी छोटी बहनो को रामलीला के मेले मे ले गया था तब मै झूले के पास खडे एक मजदूर को देख रहा था उसका बच्चा झूला झूलने की जिद कर करा और जब उसने टिकट का रेट 20 RS सुना तो वह अपने बच्चे को समझा बुझा कर वहा से ले गया। उस वक्त मुझे बहुत बुरा लगा। उसके बाद जब भी कोइ असहाय दिखता है बार बार बुरा लगता है। पर एक अच्छी बात है की दिल मे हमेशा ये रहता है कि जब भी कुछ करने का मौका मिलेगा जरूर करूगां।

बस एक कोशिश है

जिंदगी में कई ऐसे वक्त आते हैं जब हम किसी से अपनी बातें कह नहीं पाते। मन तो चाहता है कि कह दें दिल की सारीं ,बातें पर हिम्मत है कि साथ ही नहीं देती,कहने का हर हौसला पस्त हो जाता है। और फिर क्या बस सभी ख्याल खुद में ही सिमट कर रह जाते हैं। शायद ईश्वर के साथ भी कभी ऐसा हो या फिर कभी ऐसा होगा। बस उन्हीं लम्हों को वो उस ब्लॉग में शामिल करना चाहता है।।नाम भी रखा है मनन..सिर्फ और सिर्फ मनन...उम्मीद है कि तुम अपने ब्लॉग में अपने दिल की हर बात लब्जों में पिरो सकोगे....